नोएडा मेट्रो एक्वा लाइन नोएडा सेक्टर 51 से ग्रेटर नोएडा के डिपो स्टेशन तक चलती है। लगभग 29.7 किलोमीटर लंबी इस लाइन पर 21 स्टेशन हैं और किराया ₹10 से ₹50 तक है। इस लेख में आपको नोएडा मेट्रो एक्वा लाइन का पूरा रूट, स्टेशनों की सूची, किराया, टाइमिंग, टिकट के तरीके और सेक्टर 51–52 के नए स्काईवॉक की जानकारी एक ही जगह मिलेगी।
Table of Contents
- एक नज़र में
- एक्वा लाइन का रूट कैसा है?
- नोएडा मेट्रो एक्वा लाइन स्टेशन लिस्ट
- एक्वा लाइन मेट्रो का किराया
- मेट्रो टाइमिंग और फ़्रीक्वेंसी
- टिकट कैसे लें: QR टिकट और स्मार्ट कार्ड
- QR टिकट
- NMRC स्मार्ट कार्ड
- सेक्टर 51–52 स्काईवॉक: दिल्ली मेट्रो से कनेक्शन हुआ आसान
- एक्वा लाइन के आने वाले विस्तार
- एक्वा लाइन में सफ़र के ज़रूरी टिप्स
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
- नोएडा मेट्रो एक्वा लाइन में कितने स्टेशन हैं?
- एक्वा लाइन मेट्रो का किराया कितना है?
- नोएडा एक्वा लाइन मेट्रो की टाइमिंग क्या है?
- एक्वा लाइन से दिल्ली मेट्रो में कैसे बदलें?
- क्या दिल्ली मेट्रो कार्ड एक्वा लाइन में चलता है?
- इंडिया एक्सपो मार्ट के लिए कौन सा मेट्रो स्टेशन नज़दीक है?
- क्या एक्वा लाइन बॉटनिकल गार्डन तक जाएगी?
एक नज़र में
- रूट: नोएडा सेक्टर 51 – नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे – नॉलेज पार्क II – परी चौक – डिपो (ग्रेटर नोएडा)
- लंबाई और स्टेशन: लगभग 29.7 किमी, 21 एलिवेटेड स्टेशन
- शुरुआत: जनवरी 2019
- संचालक संस्था: नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC)
- टाइमिंग: सोमवार–शनिवार सुबह 6 बजे से, रविवार सुबह 8 बजे से; आख़िरी मेट्रो लगभग रात 10 बजे (सितंबर 2026 तक)
- किराया: ₹10 से ₹50 (रविवार और छुट्टी के दिन कम स्लैब बताए गए हैं)
- इंटरचेंज: सेक्टर 51 (एक्वा) ↔ सेक्टर 52 (दिल्ली मेट्रो ब्लू लाइन), स्काईवॉक से
- NMRC हेल्पलाइन: 1800-1800-247
एक्वा लाइन का रूट कैसा है?
एक्वा लाइन नोएडा सेक्टर 51 से शुरू होती है, जो दिल्ली मेट्रो ब्लू लाइन के सेक्टर 52 स्टेशन के पास है। यहाँ से लाइन सेक्टर 50, 76, 101 और 81 होते हुए NSEZ (नोएडा स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन) पहुँचती है। सेक्टर 83 के बाद यह नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के साथ-साथ चलती है और सेक्टर 137 से 148 तक की बड़ी हाउसिंग सोसाइटियों को जोड़ती है। इसके बाद नॉलेज पार्क II से ग्रेटर नोएडा शुरू होता है और मेट्रो परी चौक, अल्फा 1, डेल्टा 1 और GNIDA ऑफिस होते हुए डिपो स्टेशन पर ख़त्म होती है।
यह लाइन नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) की है और दिल्ली मेट्रो से अलग नेटवर्क है। इसलिए दिल्ली मेट्रो से आने-जाने पर आपको सेक्टर 51/52 पर स्टेशन बदलना पड़ता है और टिकट भी अलग लगता है।
नोएडा मेट्रो एक्वा लाइन स्टेशन लिस्ट
| क्रम | स्टेशन | किसके लिए उपयोगी |
|---|---|---|
| 1 | नोएडा सेक्टर 51 | दिल्ली मेट्रो ब्लू लाइन (नोएडा सेक्टर 52) से स्काईवॉक द्वारा इंटरचेंज |
| 2 | नोएडा सेक्टर 50 | आसपास के आवासीय और व्यावसायिक सेक्टर |
| 3 | नोएडा सेक्टर 76 | आसपास के आवासीय और व्यावसायिक सेक्टर |
| 4 | नोएडा सेक्टर 101 | वेद वन पार्क (सेक्टर 78) के नज़दीकी स्टेशनों में से एक |
| 5 | नोएडा सेक्टर 81 | सेक्टर 78–81 वाले इलाके के लिए भी सुविधाजनक |
| 6 | NSEZ | नोएडा स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन |
| 7 | नोएडा सेक्टर 83 | आसपास के आवासीय और व्यावसायिक सेक्टर |
| 8 | नोएडा सेक्टर 137 | आसपास के आवासीय और व्यावसायिक सेक्टर |
| 9 | नोएडा सेक्टर 142 | बॉटनिकल गार्डन की ओर प्रस्तावित विस्तार यहीं से |
| 10 | नोएडा सेक्टर 143 | आसपास के आवासीय और व्यावसायिक सेक्टर |
| 11 | नोएडा सेक्टर 144 | आसपास के आवासीय और व्यावसायिक सेक्टर |
| 12 | नोएडा सेक्टर 145 | आसपास के आवासीय और व्यावसायिक सेक्टर |
| 13 | नोएडा सेक्टर 146 | आसपास के आवासीय और व्यावसायिक सेक्टर |
| 14 | नोएडा सेक्टर 147 | आसपास के आवासीय और व्यावसायिक सेक्टर |
| 15 | नोएडा सेक्टर 148 | आसपास के आवासीय और व्यावसायिक सेक्टर |
| 16 | नॉलेज पार्क II | इंडिया एक्सपो मार्ट और कॉलेज कैंपस |
| 17 | परी चौक | ग्रेटर नोएडा का मुख्य चौराहा; यमुना एक्सप्रेसवे की ओर रास्ता |
| 18 | अल्फा 1 | आसपास के आवासीय और व्यावसायिक सेक्टर |
| 19 | डेल्टा 1 | आसपास के आवासीय और व्यावसायिक सेक्टर |
| 20 | GNIDA ऑफिस | ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का दफ़्तर |
| 21 | डिपो | आख़िरी स्टेशन; बोड़ाकी तक विस्तार प्रस्तावित |
अगर आप सेक्टर 78 के वेद वन पार्क जा रहे हैं, तो सेक्टर 101 और सेक्टर 81 सबसे नज़दीकी एक्वा लाइन स्टेशन हैं। स्टेशन से पार्क तक की दूरी मैप ऐप में देख लें; ई-रिक्शा आसानी से मिल जाते हैं।
एक्वा लाइन मेट्रो का किराया
किराया इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितने स्टेशन सफ़र करते हैं। नीचे दी गई तालिका 2025–2026 में कई ट्रांसपोर्ट गाइड्स में छपे स्लैब पर आधारित है। NMRC इसे बदल सकता है, इसलिए यात्रा से पहले स्टेशन या ऐप पर सही किराया ज़रूर देख लें।
| कितने स्टेशन | सोमवार–शनिवार | रविवार / छुट्टी |
|---|---|---|
| 1 स्टेशन | ₹10 | ₹10 |
| 2 स्टेशन | ₹15 | ₹10 |
| 3–6 स्टेशन | ₹20 | ₹15 |
| 7–9 स्टेशन | ₹30 | ₹20 |
| 10–16 स्टेशन | ₹40 | ₹30 |
| 17 या ज़्यादा स्टेशन | ₹50 | ₹40 |
यानी सेक्टर 51 से डिपो तक पूरा सफ़र सामान्य दिन में लगभग ₹50 का पड़ता है (सितंबर 2026 तक)। किराये में बदलाव हो सकता है।
मेट्रो टाइमिंग और फ़्रीक्वेंसी
- पहली मेट्रो: सोमवार से शनिवार सुबह 6:00 बजे; रविवार को सुबह 8:00 बजे।
- आख़िरी मेट्रो: लगभग रात 10:00 बजे। कुछ गाइड्स में रात करीब 10:45 बजे तक की सेवा बताई गई है, इसलिए देर रात सफ़र करना हो तो NMRC का ताज़ा टाइम-टेबल देख लें।
- फ़्रीक्वेंसी: पीक ऑवर्स में लगभग हर 7–10 मिनट और बाकी समय लगभग हर 10–15 मिनट।
ये टाइमिंग सितंबर 2026 तक की हैं। त्योहारों, बड़े आयोजनों या मेंटेनेंस के दौरान NMRC इनमें बदलाव कर सकता है।
टिकट कैसे लें: QR टिकट और स्मार्ट कार्ड
QR टिकट
स्टेशन काउंटर, टिकट वेंडिंग मशीन और NMRC के मोबाइल ऐप से QR टिकट लिया जा सकता है। 11 सितंबर 2025 से दिल्ली मेट्रो के Sarathi ऐप में नोएडा मेट्रो का QR टिकट और NMRC ऐप में दिल्ली मेट्रो का टिकट भी मिलने लगा है। यानी एक ही ऐप से दोनों टिकट ले सकते हैं, हालाँकि टिकट अभी भी अलग-अलग होते हैं। भुगतान UPI, कार्ड या नेट बैंकिंग से हो जाता है।
NMRC स्मार्ट कार्ड
रोज़ सफ़र करने वालों के लिए NMRC का City1 स्मार्ट कार्ड उपयोगी है, जिस पर हर यात्रा पर 10% छूट बताई गई है। ध्यान रखें कि दिल्ली मेट्रो का स्मार्ट कार्ड आमतौर पर एक्वा लाइन पर नहीं चलता।
सेक्टर 51–52 स्काईवॉक: दिल्ली मेट्रो से कनेक्शन हुआ आसान
कई साल तक सेक्टर 51 (एक्वा लाइन) और सेक्टर 52 (ब्लू लाइन) के बीच यात्रियों को भीड़ वाली सड़क पर पैदल चलना या ई-रिक्शा लेना पड़ता था। 28 अगस्त 2026 को दोनों स्टेशनों के बीच एयर-कंडीशन्ड, L-आकार का स्काईवॉक खुल गया, जिसमें ट्रैवलेटर (चलने वाली पट्टियाँ) लगे हैं। समाचार रिपोर्ट्स के अनुसार इसकी लंबाई लगभग 400–460 मीटर है और अब स्टेशन बदलने में करीब पाँच मिनट लगते हैं। पहले ही दिन 45,000 से ज़्यादा लोगों ने इसका इस्तेमाल किया।
इसका असर सवारियों पर भी दिखा। रिपोर्ट्स के मुताबिक अगस्त 2026 में औसत दैनिक सवारी लगभग 70,000 थी, जो सितंबर 2026 में लगभग 85,000 तक पहुँच गई।
एक्वा लाइन के आने वाले विस्तार
| विस्तार | लंबाई / स्टेशन | स्थिति (रिपोर्ट के अनुसार) |
|---|---|---|
| सेक्टर 142 – बॉटनिकल गार्डन | 11.56 किमी, 8 स्टेशन | 14 फ़रवरी 2026 को केंद्रीय कैबिनेट से मंज़ूरी; लागत लगभग ₹2,254 करोड़; बनने में करीब 4 साल |
| सेक्टर 51 – नॉलेज पार्क V (सेक्टर 61 और ग्रेटर नोएडा वेस्ट होकर) | 17.435 किमी, 11 स्टेशन | नवंबर 2024 में मंज़ूरी की ख़बर; लागत लगभग ₹2,991.60 करोड़; सेक्टर 61 पर ब्लू लाइन से इंटरचेंज |
| डिपो – बोड़ाकी | 2.6 किमी, 2 स्टेशन | 23 जुलाई 2025 को केंद्र से मंज़ूरी; लागत लगभग ₹416 करोड़; रेलवे और बस टर्मिनल से जुड़ा मल्टीमॉडल हब |
बॉटनिकल गार्डन वाला विस्तार बनने पर एक्वा लाइन सीधे ब्लू और मैजेंटा लाइन से जुड़ जाएगी। जेवर एयरपोर्ट तक अभी मेट्रो नहीं है; वहाँ जाने के लिए परी चौक तक मेट्रो और आगे कैब या बस का विकल्प हमारी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट गाइड में देखें।
एक्वा लाइन में सफ़र के ज़रूरी टिप्स
- स्काईवॉक का इस्तेमाल करें: सेक्टर 51 से 52 जाने के लिए सड़क पार करने से यह तेज़ और सुरक्षित है, ख़ासकर बारिश में या सामान के साथ।
- एक ही ऐप से दोनों टिकट लें: NMRC या DMRC Sarathi ऐप से टिकट लेकर इंटरचेंज पर लाइन में लगने से बचें।
- रोज़ाना सफ़र है तो स्मार्ट कार्ड लें: हर यात्रा पर बताई गई 10% छूट महीने भर में अच्छी बचत बन जाती है।
- रविवार की टाइमिंग याद रखें: रविवार को पहली मेट्रो सुबह 8 बजे चलती है।
- बफ़र समय रखें: ऑफ़-पीक में 10–15 मिनट का अंतर हो सकता है, इसलिए परीक्षा, इंटरव्यू या फ़्लाइट के लिए समय लेकर निकलें।
- बड़े आयोजनों में भीड़: इंडिया एक्सपो मार्ट में ट्रेड शो के दौरान नॉलेज पार्क II और आसपास के स्टेशनों पर बहुत भीड़ होती है। सितंबर 2025 में UP इंटरनेशनल ट्रेड शो के दौरान एक दिन में 74,370 यात्रियों का रिकॉर्ड बना था।
- आख़िरी मेट्रो का ध्यान रखें: रात 10 बजे के आसपास आख़िरी सेवा होती है, देर हो तो कैब का इंतज़ाम पहले से रखें।
आधिकारिक सूचनाओं के लिए NMRC की आधिकारिक वेबसाइट देखें। यह गाइड अंग्रेज़ी में भी उपलब्ध है: Noida Metro Aqua Line guide।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच एक्सप्रेसवे के जाम से बचने का सबसे आसान तरीका एक्वा लाइन है, और नए स्काईवॉक से दिल्ली मेट्रो तक पहुँचना भी काफ़ी सुविधाजनक हो गया है। स्मार्ट कार्ड या ऐप टिकट तैयार रखें, रविवार की टाइमिंग याद रखें और किराये या समय में बदलाव के लिए NMRC की सूचनाएँ देखते रहें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
नोएडा मेट्रो एक्वा लाइन में कितने स्टेशन हैं?
एक्वा लाइन पर कुल 21 स्टेशन हैं और इसकी लंबाई लगभग 29.7 किलोमीटर है। यह नोएडा सेक्टर 51 से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा के डिपो स्टेशन तक जाती है। प्रमुख स्टेशनों में NSEZ, सेक्टर 137, सेक्टर 142, नॉलेज पार्क II और परी चौक शामिल हैं।
एक्वा लाइन मेट्रो का किराया कितना है?
किराया स्टेशनों की संख्या के हिसाब से ₹10 से ₹50 तक है। प्रकाशित गाइड्स के अनुसार सोमवार से शनिवार 1 स्टेशन का ₹10 और 17 या ज़्यादा स्टेशन का ₹50 लगता है, जबकि रविवार और छुट्टी के दिन कुछ स्लैब सस्ते हैं। ताज़ा किराया स्टेशन या NMRC ऐप पर देखें।
नोएडा एक्वा लाइन मेट्रो की टाइमिंग क्या है?
सितंबर 2026 तक पहली मेट्रो सोमवार से शनिवार सुबह 6 बजे और रविवार को सुबह 8 बजे चलती है। आख़िरी मेट्रो लगभग रात 10 बजे चलती है, हालाँकि कुछ गाइड्स में 10:45 बजे तक सेवा बताई गई है। यात्रा से पहले NMRC का ताज़ा टाइम-टेबल ज़रूर देखें।
एक्वा लाइन से दिल्ली मेट्रो में कैसे बदलें?
एक्वा लाइन के नोएडा सेक्टर 51 स्टेशन से दिल्ली मेट्रो ब्लू लाइन के नोएडा सेक्टर 52 स्टेशन तक 28 अगस्त 2026 से एयर-कंडीशन्ड स्काईवॉक चालू है। इसमें ट्रैवलेटर लगे हैं और स्टेशन बदलने में लगभग पाँच मिनट लगते हैं। दोनों नेटवर्क का टिकट अलग लगता है।
क्या दिल्ली मेट्रो कार्ड एक्वा लाइन में चलता है?
आमतौर पर नहीं। एक्वा लाइन NMRC की है और इसका अपना City1 स्मार्ट कार्ड है, जिस पर हर यात्रा पर 10% छूट बताई गई है। हालाँकि सितंबर 2025 से DMRC के Sarathi ऐप में नोएडा मेट्रो का QR टिकट ख़रीदा जा सकता है।
इंडिया एक्सपो मार्ट के लिए कौन सा मेट्रो स्टेशन नज़दीक है?
ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट के लिए एक्वा लाइन का नॉलेज पार्क II स्टेशन सबसे नज़दीक है। बड़े ट्रेड शो के दिनों में यहाँ बहुत भीड़ होती है, इसलिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें और संभव हो तो पीक ऑवर्स से बचें।
क्या एक्वा लाइन बॉटनिकल गार्डन तक जाएगी?
हाँ, सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन तक 11.56 किलोमीटर लंबे विस्तार को 14 फ़रवरी 2026 को केंद्रीय कैबिनेट ने मंज़ूरी दी है। इसमें 8 स्टेशन होंगे और लागत लगभग ₹2,254 करोड़ बताई गई है। इसे बनने में करीब चार साल लगने की उम्मीद है।
